सोमवार, 23 मार्च 2026

असेसी और प्यार 😉

 इश्क़ और काम में एक रार सी ठन गई है,
असेसी ही जबसे मेरा यार बन गई है

​खुद को कहती रही है वो baddie,
और मुझको दिखी है हमेशा जो teddy

​वो ज़माने के लिए आतिश-ए-नूर है,
मेरे लिए सादगी का सुनहरा सुरूर है

उसकी बातों में तेवर, अदा में टशन है
पर मेरे लिए धड़कन, जीने का जशन है

​वो कहती है दुनिया को मुट्ठी में कर लूँ,
मैं कहता हूँ बस उसको बाहों में भर लूँ

गर्मी में हुड़दंग करने को तैयार है,
सर्दी में ठिठुरा रहा मेरा जो प्यार है

अजीब है ये खेल, और अनोखी ये रार है,
एक तरफ प्रोफेशन, दूजी तरफ मेरा यार है

यार से जुड़ी जज्बात बन गई है
प्यार से जब मेरी बात बन गई है

इश्क़ और काम में एक रार सी ठन गई है,
असेसी ही जबसे मेरा यार बन गई है



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