मंगलवार, 8 अप्रैल 2014

सबने छोड़ा साथ मेरा(Everyone left me with)

सबने छोड़ा साथ मेरा और मैं तनहा रह गया,
कायम मगर अब हूँ कि भाने लगी तन्हाईयाँ।

अब नहीं निस्बत किसी महफ़िल से न इंकार मुझे,
कितना भी खुद को छुपाऊँ, न छुपेंगी रुसबाइयां।

सख्त है सब कुछ बड़ी तल्खी मिजाज़ में मेरे,
नफरतों के जहान में पाऊँ कहाँ रानाइयाँ ?

हारा हूँ सभी दांव में मेरी हयात के 'अली'
जान न पाया कभी फ़ितनों की कारस्तानियाँ|

ए.एस.खान 

With everyone left me and I was left alone; 
But now that sooth Tnhaiyaँ was retained. 

Nor deny to any gatherings pertaining to me anymore; 
How Cupauँ themselves, not Cupengi Rusbaiyan. 

Everything is strict in the bitterness of my spirit; 
Where Ranaiyaँ Nfrton dig in the macrocosm? 

I lost all my Hyatt at stake 'Ali' 

Did not know of ever Fitnon Karastaniaँ | 


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