सोमवार, 26 मई 2014

वक्त

जाया न कीजिए वक्त को,
जो गया न वापस आयेगा,

टुटे बिखरें सपनो कें संग,
वो वक्त वहुत रुलायेगा।।

डॉ, सोनल

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