सोमवार, 26 मई 2014

मेरा रब

न मालूम 
मेरा रब 
कौन है 
कहाँ है 
बस देखती हूँ
जब तुम्हे 
तुझमें ही सब
तुममे ही
सब है 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

असेसी और प्यार 😉

  इश्क़ और काम में एक रार सी ठन गई है, असेसी ही जबसे मेरा यार बन गई है ​खुद को कहती रही है वो baddie , और मुझको दिखी है हमेशा जो teddy ​वो ...