शुक्रवार, 26 सितंबर 2014

मिलकर सुशासन लाएँगे!

जागो मेरे देशवासियों
अपने हक को पहचानो

राहों में लाख बाधाएं होंगी
फूल बिछे या कांटे बिछे हों

इसकी हमें परवाह नहीं
अब हम झुक ना पाएँगे

खङे होंगे हम अपने हक में
 कुशासन को झुकाएंगे

साथ रहा हम सबका तो
मिलकर सुशासन लाएँगे!

गायत्री शर्मा

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