दुश्मन का दुश्मन दोस्त
दोस्त का दोस्त दुश्मन
कुछ पल भूलो कौटिल्य
नितिरंगो में घुल मिल जाओ सब
फिर अपने रंग में रंग जाना
द्वेश बैर चाहो तो निरंतर जारी रखना
:)
गायत्री शर्मा
दोस्त का दोस्त दुश्मन
कुछ पल भूलो कौटिल्य
नितिरंगो में घुल मिल जाओ सब
फिर अपने रंग में रंग जाना
द्वेश बैर चाहो तो निरंतर जारी रखना
:)
गायत्री शर्मा
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