मंगलवार, 11 मार्च 2014

हत्या

गुनाह किया तो गुनहगार बन गए
हत्या  किया  तो  हत्यारे बन  गए
देखो जरा दोनो में अंतर क्या है!
सोचो जरा आखिर ऐसा क्यों है?
एक सैनिक ने दुश्मन की हत्या की
तो  वह  पुरस्कृत  किया  गया
एक चोर ने निजी लाभ में हत्या की
तो  वह  फांसी  पर लटकाया  गया
!जय हिंद जय भारत

"गायत्री शर्मा"  

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