नित्य नवीन परिभाषा गढी जाती हैं,
खुदकी वीरता की कहानी लिखी जाती है,
देशद्रोही राष्ट्र भक्त की कहानी मन से
बुनी लिखी और सुनाई जाती हैं,
ये घोचूँ खुद की औकात से अनजान,
इनसे दूसरों की बुराई की जाती हैं,
दूसरो को माँ-बहिन की गाली दे
बात संस्कार की कही जाती हैं।
दाऊ जी
खुदकी वीरता की कहानी लिखी जाती है,
देशद्रोही राष्ट्र भक्त की कहानी मन से
बुनी लिखी और सुनाई जाती हैं,
ये घोचूँ खुद की औकात से अनजान,
इनसे दूसरों की बुराई की जाती हैं,
दूसरो को माँ-बहिन की गाली दे
बात संस्कार की कही जाती हैं।
दाऊ जी
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