कवि और शायर में फर्क होता है
दिल में गम हजारों छुपे हैं
मगर समझ नहीं सकता
ये जमाना उसका दर्द
जिसके चेहरे पर हर पल
एक प्यारी सी मुस्कान होती है
कवि भावों को अनुभूति तथा
अंतर्मन की वेदना व खुशी को
शब्दों के माध्यम द्वारा
अलंकृत कर बयाँ करता है
और वही शब्द लोगों के लिए
एक सुंदर काव्य बन जाता है
शायर क्या जाने कविता के स्वर
व भावभंगिम भावों को
जो कभी चाँद तारों को तोङने
जहाँ को कदमों में रखने जैसे
शब्दों को बढा-चढा कर पेश करे!
माना कि गम उसे भी है
बयाँ वह भी कर रहा है
परंतु एक कवि व उसकी सारगत
कविता की तुलना में कोसों दूर
!!"गायत्री शर्मा"
दिल में गम हजारों छुपे हैं
मगर समझ नहीं सकता
ये जमाना उसका दर्द
जिसके चेहरे पर हर पल
एक प्यारी सी मुस्कान होती है
कवि भावों को अनुभूति तथा
अंतर्मन की वेदना व खुशी को
शब्दों के माध्यम द्वारा
अलंकृत कर बयाँ करता है
और वही शब्द लोगों के लिए
एक सुंदर काव्य बन जाता है
शायर क्या जाने कविता के स्वर
व भावभंगिम भावों को
जो कभी चाँद तारों को तोङने
जहाँ को कदमों में रखने जैसे
शब्दों को बढा-चढा कर पेश करे!
माना कि गम उसे भी है
बयाँ वह भी कर रहा है
परंतु एक कवि व उसकी सारगत
कविता की तुलना में कोसों दूर
!!"गायत्री शर्मा"
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