शिक्स्तापन हुआ जोशे-जनू अपना,
जो एक बारगी देखा तेरी कमर का ख़म।
वो बिखरी हुई जुल्फें सानों पे तेरे,
नहीं लगतीं किसी तरह घटाओं से कम।
सुराहीदार गर्दन, और वो रानाइयां,
रंगे-हया रुखसार पे, लैब पे तब्बसुम।
उस पे नजाकत बल की कि ऐ! खुदा,
कैसे कहें कि क़यामत से है कम।
सीमतन, सादा लिबास,रुख पे नूरानी चमक,
हूरे-बहिश्त कहें तुझे, तब भी न हो सितम।
बोलते चश्म, नजाकत-ओ-सादगी,
कहने को कुछ बचा न 'अली', कह चुके हैं हम।
जो एक बारगी देखा तेरी कमर का ख़म।
वो बिखरी हुई जुल्फें सानों पे तेरे,
नहीं लगतीं किसी तरह घटाओं से कम।
सुराहीदार गर्दन, और वो रानाइयां,
रंगे-हया रुखसार पे, लैब पे तब्बसुम।
उस पे नजाकत बल की कि ऐ! खुदा,
कैसे कहें कि क़यामत से है कम।
सीमतन, सादा लिबास,रुख पे नूरानी चमक,
हूरे-बहिश्त कहें तुझे, तब भी न हो सितम।
बोलते चश्म, नजाकत-ओ-सादगी,
कहने को कुछ बचा न 'अली', कह चुके हैं हम।
Shikstapan 's Joshe - June own ,
Which saw a one-time twist your waist .
He burns redressal of farming on scattered thee ,
At Gtaon somehow does not quite .
Surahidar neck , and he Ranaiyan ,
Dyed - Haya Rukshar pe , pe Tbbsum Lab .
The force of gravity on that man! God ,
How Judgment rather than less.
Simtn , Plain veneer , gloss Noorani turned on ,
Hure - you say heaven , not even atrocities .
Speaking streamy , delicacy - O - simplicity ,
Not anything left to say , ' Ali ' , we have had to say .
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