लगता है आपने कुछ ज्यादा करीबियत से उनको दीदार दे दिया
लो बाजार में एक इश्क का मरीज़ और आ गया ||
वहुत से हाल छिपाकर दिल में
खुद को कठोर बनाते हैं
ये पत्थर ही तो हो मेरे दोस्त
जो मजबूत होकर भी आसू बहते हैं ||
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इश्क़ और काम में एक रार सी ठन गई है, असेसी ही जबसे मेरा यार बन गई है खुद को कहती रही है वो baddie , और मुझको दिखी है हमेशा जो teddy वो ...
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