सोमवार, 13 अक्टूबर 2014

मालूम न पडा

तुमसे
मुहोब्बत
इतनी
कब
हो गई,
मुझे
मालूम न
पडा,
खुद को
देखा
आईनें
तब
मेहसूस
किया,
मगर
मालूम न
पडा
डॉ. सोनल

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