गुरुवार, 20 मार्च 2014

लघु कथा -: भंगी

तिवारी जी तेज़ रफ़्तार से अपने घर की तरफ जा रहे थे ....अभी अभी उनके घर से फोन आया था की उनका बच्चा छत्त से गिर गया है जिसकी वजह से उसके सर पर गंभीर चोटें आई हैं.....खबर सुनते ही तिवारी जी ने घर की तरफ दौड़ लगा दी ....घर पहुंचे तो काफी भीड़ लगी हुयी थी ....वो जल्दी से घर के अन्दर भागे ....मगर अन्दर तो टला लगा हुआ था ...पता किया तो पाया की मुहल्ले के कुछलोग बच्चे को अस्पताल लेकर गए हुए हैं ...|
अस्पताल पहुंचकर बच्चे की हालत देख उनको रोना आ गया ...उन्होंने डॉ. से बच्चे के बारें में पूछा तो उन्होंने बताया की बच्चा ठीक है अगर जरा सा भी देर हो जाती तो आप उसे फिर कभी न देख पाते |यह सुनकर तिवारी जी को कुछ राहत मिली ...लेकिन उनके मन में एक सवाल उठा की उनके बच्चे को लेकर कौन आया |उन्होंने अपनी बीबी से पूछा -विमला बच्चे को अस्पताल लेकर कौन आया ??
मातादीन
मातादीन??? अरे वो मातादीन भंगी ...उसे तुमने बच्चे को छूने कैसे दिया ....कहाँ है वो हरम खोर ,कुत्ते की औलाद ....उस हरामी के पिल्लै को आज में सबक सिखाता हूँ|
तिवारी जी का खून खौल उठा और वो तरह-तह की गालिंया देने लगे |
शौर शराव सुन डोक्टर वहां आकार बोला क्या बात है ??
कुछ नही उस भंगी ने मेरे बच्चे को छू लिया ?? हमारा धर्म भरष्ट हो गया ..यर=e सेल हमसे चिड़ते हैं उसी ने मेरे बच्चे को निचे पटका होगा ..
ओह तो ये बात है .............. मैं भी जात से एक भंगी ही हूँ ..लेकिन मैं आपके बच्चे को मरने नही दूंगा ..हा ये मर सकता था ..अगर वो इसे लेकर न आता ........ पंडित जी हम आपके घर की गंध्गी उठाते ज़रूर हैं पर मन से इतने गंधे नही हैं ....
इतना कहकर डोक्टर आगें बढ़ गया |
तिवारी जी चुपचाप खड़े हुए थे उनके पास कुछ भी कहने को नही था .........
तभी मातादीं भागते हुए आया ........
पंडित जी खून मिल गया डोक्टर साहब को देना है ...............
उसकी आँखों में अपनापन देख तिवारी जी के सर से जातिवाद का जिन्न कुछ हद तक उतर गया था........पर उनके अंतर्मन में एक निचली जाती द्वारा जन बचाना यानि एक एहसान करना वहुत खटक रहा था |


Tiwari Ji jumped on the way home .... apparently arrived home crowd was so great .... She quickly ran back to the house .... but ... did you found , was averted in Kuclog locality of children are taken to the hospital ... |
somewhat relieved ... but he who came with their children to raise a question | he asked his wife - Vimala child who came to the hospital ? ?
Matadin
Matadin ? ? ? He Matadin Bhangi Hey ... how did he touch you .... Where is baby Haram Khor , dog breed .... That 'll teach the bastard a lesson in today 's Pillai |
Ti -in-law and her blood boiling - like folding began Galinya |
What did the doctor listen liquor Shores size matter? ?
Nothing scavengers that touched my child ? ? Our religion has Brsht .. Year = e Cidte us in the same cell will be winnowed down to my baby ..
Oh so that's it .............. I 'm the only scavengers of the race .. but I 'm not your baby die .. ha .. they could die if they take it priest ........ we do not take the course at home Gandhgi so Gande do not mind ....
Agen has increased so much as a doctor |
Ti -in-law stood silently beside him was not anything to say .........
Then came running Matadin ........

Honor Dr. Priest got to give blood ...............

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