जीवन एक खुशनुमा ङगर है
जिस पथ पर बिखरी उम्मीदें है
नहीं सोचा था इन राहो में
कोई एैसा भी मिल जाएगा
जब उसने कहा तुम मेरी तरह
उस माला की एक मोती हो
तब आस जगी मेरे मन में
जन्मों से हमारा नाता हो
तब उसके जीवन चरित्र से
जीने की कला का ज्ञान हुआ
"गायत्री शर्मा"
जिस पथ पर बिखरी उम्मीदें है
नहीं सोचा था इन राहो में
कोई एैसा भी मिल जाएगा
जब उसने कहा तुम मेरी तरह
उस माला की एक मोती हो
तब आस जगी मेरे मन में
जन्मों से हमारा नाता हो
तब उसके जीवन चरित्र से
जीने की कला का ज्ञान हुआ
"गायत्री शर्मा"
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